Monday 8 October 2007

ये तो नहीं कि ग़म नहीं

ये तो नहीं कि ग़म नहीं
हां मेरी आंख नम नहीं..
तुम भी तो तुम नहीं हो आज
हम भी तो आज हम नहीं...
अब ना खुशी की है खुशी
ग़म का भी तो अब ग़म नहीं
मौत अगर चे मौत है
मौत से ज़ीस्त कम नहीं ...
( ज़ीस्त life...चे although)
(source..ghazallyrics.wordpress.com)

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